Monday, September 8, 2008

***""नूर बरसेगा""***


***""नूर बरसेगा""***


तेरे रुखसार से जब नूर बरसेगा ,,,,


सुनहली चांदनी को कोन तर्सेगा,,,


तेरी जुल्फ के अंधियारे की,,,


कहीं पर जब बात होगी...


अमा की रात की वहाँ पर...


भला औकात क्या होगी...


तुम्हारे जलवों पर जब हर शख्स हर्षेगा..


सुनहली चांदनी को कोन तर्सेगा....


तुम्हारे पैर की पायल,,,


तनिक भी छनक जायेगी,,,


लता के गीत की मादक ,,,


भनक-सी उसमे आएगी,,,


तुम्हारे नयन चंचल से कहर बरसेगा,,,


सुनहली चांदनी को कोन तर्सेगा ...


जम्हाई गर जो तुम लोगी,,,


पुरवाई बहक जायेगी,,,


अंगडाई तुमने जो ली,,,


शरद क्या पास आएगी,,,,


"जीत" का व्यथित मन बहक जायेगा,,,


फीर सुनहली चांदनी को कोन तर्सेगा....


तेरे रुखसार से जब नूर बरसेगा ,,,,


सुनहली चांदनी को कोन तर्सेगा...

9 comments:

Anonymous said...

BAHUT ACHHA HAI PAHALE EBAR JAB PADHA THA TAB BHEE BAHUT MAN KO BHAYA THA

ANIL

ankur21 said...

good man... keep it up... best of luck.....

रश्मि प्रभा... said...

तेरे रुखसार से जब नूर बरसेगा ,,,,
सुनहली चांदनी को कोन तर्सेगा,,
..........इन दो पंक्तियों ने जादू कर दिया
इसे गुनगुनाने का दिल हुआ, तो साज़ का इंतज़ार
कोई क्यूँ करेगा !

gyaneshwaari singh said...

bahut sundar shabd aur abhivaykti jit ...man khush ho gya

!!अक्षय-मन!! said...

jit ji bahut sundar rachna bahut umda..likhte rahiye......

red diamond said...

jeet bhai realy aap to chhupe rustam nikleaapki rachna "NOOR BARSEAGA" bahut hi uchch koti ki rachna hai i like it a lot........................ keep ir countinue man u have that sprit so explore it....
.........................

Unknown said...

अत्यंत खूबसूरत शब्दो का चुनाव किया है। बार बार पढ़ने को इच्छा होती है।

Unknown said...

अत्यंत खूबसूरत शब्दो का चुनाव किया है। बार बार पढ़ने को इच्छा होती है।

Unknown said...

बहुत शानदार